प्यारा मन - मोहन मेरा ।

             (तर्ज: गेला हरी कुण्या गांवा.... ) 
प्यारा मन - मोहन मेरा । प्रकाशे विश्व भरा सारा ।
हमारे दिलका उजियारा ।।
मुरलीवाला ! वाला है अलबेला ! ! ।।टेक।।
किसानी है उसको प्यारी, चराये गैय्या गिरिधारी।
साथ गोपालोंकी बारी, बहे जमुनाकि बलीहारी।।
सदा भारत क़रा रखवारा, भरोसा उपसपर है डाला।
मुरलीवाला ! वाला है अलबेला ! ! 0 ।।1।।
सिरपर मोर-मुकुट चमके, पितांबर झलक रहा जमके।
बसरी बाज रही गमके, लताएँ बहर गयी नमके।।
भाग्य हैं इस भारतभू के, प्रकट भया यहाँपर नंदलाला ।
मुरलीवाला ! वाला है अलबेला ! ! 0 ।।2।।
देश में जब संकट आवे, सुदर्शन लिया खडा होवे।
दुष्ट को मुक्त करा जावे, भक्तको संरक्षण देवे।।
दास तुकड्या के मन भाया, मेरे जीवन का उजियाला।
मुरलीवाला ! वाला है  अलबेला ! ! 0।।3।।