प्रीय महात्मा गांधी बोला
(तर्ज : रामभजन बिन को सूख... )
प्रीय महात्मा गांधी बोला-
मुझकों जन्म मिले गर अगला,
भंगी ही मैं बनूंगा ।।टेक।।
मानव की बडी , भारी, सेवा फिर क्या दुसरी ?
स्वच्छ गाँव मन्दिर सम,
करने यही चलूंगा ।।१।।
मानव से पाप लिया, हरिजन को दूर किया ।
यह रीति - नीति नही,
बेशक यहीं कहूँगा ।।२।।
जिसने नीच कर्म किया,उसको क्यों मान दिया?
कहे तुकड्या धर्म नही,
इसमें न मैं जीऊँगा ।।३।।