पास नही ग्यान कहे साधु मोहे मान । साधु कहनेसे साधु होते नाही है ।
पास नही ग्यान कहे साधु मोहे मान ।
साधु कहनेसे साधु होते नाही है ।
साधु होटल की चाय-पानी नाही है ।।टेक।।
श्वानों के अंगपर भगवी है छटा।।
जंगल के शिकारी लगाते लंगोटा।
गर्दभ के अंग नहीं भस्मों का तोटा।
साधु हाटेल की चाय-पानि नहीं है! ।।१ ॥
साधु की साधुता नहीं जातियोंमिं ।
साधु की साधुता नहीं पंथियोंमें । ।
साधु की साधुता नहीं कंथियों में ।
साधु न छोटे-बडे हैं उमर में।।
साधु हाटेल की चाय-पानि नहीं है ! ।।२॥
सरल स्वभावपें रहता है साधु ।
प्रभू-भक्ति -भावोंमे रहता है साधु। ।
धन के अभावोंमें रहता है साधु ।
मन की निगाहोंगें रहता है साथ । |
साधु हाटेल की चाय -पानि नहीं है! ।।३ ।।
सत्याचरण बिन नहीं है साधुता।
आत्मज्ञान बिन नहीं है साधुता।।
सेवाभाव बिन नहीं है साधुता।
कहता है तुकड्या सुनो मेरी बाता।।
साधु हाटेल की चाय-पानि नहीं है! ।।४ ।।