नशा पीना छोड, तेरा तभी बढेगा मोल, प्यारे

तर्ज: राथें-कृष्ण बोल मुखसे...)

नशा पीना छोड, तेरा तभी बढेगा मोल, प्यारे !
मेरी बाते तोल ! ॥ टेक ।।
तेरा सुंदर बदन पियारा, खोखला  बना  है  सारा ।
सब किया है धन को गोल,मुझसे चार बातें बोल ।।१।।
तूने बापका नाम गमाया, था भला कीर्ति को पाया ।
सब कुलका फोडा ढोल,भाई ! अबतो आँखे खोल।।२।।
सब बच्चे घर-घर रोते, भाई शरमके मारे लजाते ।
कहे तुकड्या सत्‌को जोड,अब तो फोड नशाका फोड।।३॥