बाबा ! सत्‌ के भरोसे रहना । सबकी बातें सहना, बाबा !

(तर्ज: अपना सुन्दर देश बनाये...)

बाबा ! सत्‌ के भरोसे रहना ।
सबकी बातें सहना, बाबा ! ।। टेक ।।
सब मतलब के हैं दुनिया में, जोरू, लडके, नाना ।
संकट-काल पडे जब जीपर,तब अनुभव कर लेना ।।
बाबा ! सत्‌ के भरोसे रहना 0 ।।१।।
सुंदर बदन, लबालब धन है, सबका रहे ठिकाना ।
आयि बिमारी तब जब आये, सबही करे बहाना ! !
बाबा ! सत्‌ के भरोसे रहना 0 ।।२॥।
इसीलिये कहता हूँ,किसिसे मत लिंपित हो जाना ।
तुकड्यादास कहे, सद्गुरुही अंत रखेगा बाना ।।
बाबा ! सत के भरोसे रहना 0 ।।३।।