प्रभु भक्तनका रखबारा है, गरीबोंका सहारा है
(तर्ज: ओ नाग कही जा...)
प्रभु भक्तनका रखबारा है, गरीबोंका सहारा है ।।टेक।।
सब दुनिया मतलबकी, जिसमें दिखे न कही उजारा ।
स्वारथखातिर पैर पडेंगे, कहकर प्यारा प्यारा ।
यही सबका अनुभव - तारा है ।।१।।
जनम जनम के पाप कटाकंर, मानव जनम दिखाया ।
तुकड्यादास कहे यह प्रभुकी, को नहिं गावे माया ? ।
मैने भी खास निहारा है ।।२।।