प्यारा हिंदस्थान है, गोपालोंकी शान है।

(तर्ज : कदम कदम बढाये जा...)

प्यारा हिंदस्थान है, गोपालोंकी शान है।
वीरोंका मैदान, इसमें भक्तोंके भगवान है ॥टेक॥
आओ इसे जगायेंगे, भारतको बदलायेंगे।
बालवीरों ऊठो तुमतो, ऋषियोंकी संतान है।।1॥
आजादी के जंग में, आबादी के रग में।
बीरोंको. चेतायेंगे,  हटवायेंगे   शैतान   है  ।।2॥
यहाँपर भी हनुमान थे, अर्जुन-से बलवान थे। 
महाराणा प्रताप, इसमें शिवाजीके प्राण है  ।।3॥
कवियोंकी खदान है, गीताके गुणगान है।
तिलक,महात्मा गांधी,सारे भारतका अभिमान है।।4।।
तुकड्याकी आवाज, भारत सदा रहे सिरताज है ।
फुले फलेगा राज, चाहे हो जावे बलिदान है।।5।।