मरने की फिकर क्यों करता है? मरना तो बराबर आयेगा
(तर्ज: मेरे दिलमें गुरुने जादु....)
मरने की फिकर क्यों करता है? मरना तो बराबर आयेगा।
तू ऐसी फिकर करले मनमें, मरना तुझसे झुक जायेगा ।।टेक।।
कर नेकहि काम सदा जगमें,फिर हार मिले या जीत खिले।
आसक्त न दोनोमे भि रहे, तब स्थितप्रज्ञ कहलायेगा।।1।।
कर्तव्य समझकर खेल यहाँ, अपनी मस्ती आध्यात्मिक है।
जो मिल जाये सो है वाहवा, नहि मिल पाये वहिं गायेगा।।2॥
गाधीका इशारा था ऐसा, वे खुद रहकर बतलाते थे।
डरते नहि थे किसि संकट से, तू पढ तो पता लग जायेगा ।।3।।
जब उनके हृदय में गोली चली,तब राम-राम वे गाते थे।
तुकड्या कहे चिन्ता क्यों करते ? अरे ! फिरभी गांधी आयेगा ।।4।।