मोहे ध्यान लगा दे अपना

(तर्ज: मोहे भूल गये सावरिया...)

मोहे ध्यान लगा दे अपना  ।।टेक।।
यह संसार सपनकी  माया ।
नाहक जाता दिल भरमाया ।
याद तेरी नहीं आती पल भी -
अब तो न भाता यह सपना ।। मोहे ध्यान0 ।। १ ।।
राज-महल सूने लगते  है  ।
दो नैना तुझसे जगते है  ।
पलपल तेरी सूरत दिलमें-  
कहता है तुकड्या दिखाना ।। मोहे ध्यान0 ।।२ ।।