परदा उठाइये अपना परदा उठाइये।।टेक।।
गंगे ए ए ! तव चरगजल : तर्ज : तुमको सलाम है...)
परदा उठाइये अपना परदा उठाइये।।टेक।।
तुम हो पास कहा सन्तोंने।
उनके बचन भि गाये हमने।।
अनुभव बताइये ।। अपना 0।।1।।
अपने में गर रहा हो कोई ।
फेर न उनको मिलना होई।।
कैसो, बताइये ? ।। अपना 0।।2।।
लायक हम नहिं है इस हदके।
पर तुमरे ही हैं नत मतके।।
करसो बिठाइये।। अपना 0 ।।3 ।।
तुकड्यादास कहे जो चरणा |
उनको को देता है मरना।।
देरी ना भाँयीये ।। अपना0 ।।4 ।।ण शरण मैं आऊँ