देख जगबीच खडे बाँके, एकसे एक लडे आके


देख जगबीच खडे बाँके, एकसे एक लडे आके ।।टेक ||

सार बिचारा सबने छोडा, अपनी धुन खाके।
आप - आपमें  लेत लडाई, पड़े. चढ़े ताके ।। १ ।।

एक कहे सुन पंथ हमारा, सबसे ऊँच जाके ।
एक कहे तू कौन कहाँका, कुराण पढ ला के ।। २ ।।

हिंदु-म्लेंच्छ की चली लडाई, खून पडे छाके ।
जो करना था सबने छोडा, मरते जग-धाके ।। ३ ।।

कहता तुकड्या ख्याल करो बे, सबही हो पाके ।
करतारा एक ईश्वर मालिक, है न दुजे नाके ।। ४ ।।