दुनिया को जाने दे! उनको बहकाने दे

(तर्ज- जाने कहाँ गयी...)


दुनिया को जाने दे!
उनको बहकाने दे ।। टेक ।।
तू न जाना उधर, पाप होता जिधर।।
बस में रख इंद्रियाँ , दिल खुशी होने दे  ।।१॥
कुत्ते की जिन्दगी, यों हि बरसायेगी।
कौन पूजे उसे? क्या मजा आयेगी?     ॥२॥
प्यारे इन्सान तू, कहना तो मान तू।
रखते ईमान तू , पायेगा  भान    तू        ।।३।।
तेरि हस्ती अगर, कुंडली है जिगर।
प्यार कर आत्मसे, शान्ति पावे उधर !  ।।४।।
प्रेम कर राम पर, नाम होगा अमर।
कहता तुकड्या सुधर ,मत उधर ध्यान दे! ।।५।।