मीठी - मीठी बातपर, सबको फसायेंगे

(तर्ज: चौदवी का चाँद हो...)
मीठि-मीठि बातपर, सबको फसायेंगे ।
पर याद रखना एक दिन, खुदको गमायेंगे ।।टिक।।
बूरी है आह दर्दकी, जिसपर भी हो लगी ।
उसका भला न  होगा, जीते   जलायगी ।।
हैसत् है किसकि क्या कोई, उसको छुडायेंगे ।।पर याद0।।१।।
जिसका किया हुआ कुछ उसकोहि पायेगा ।
राजा रहेगा या फकिर, छोडा न   जायेगा ।।
किसका है भरोसा तुम्हें, तुमको निभायेंगे ।। पर याद 0।।२॥
इस कर्म-भूमि में कोई, छीपा    न   रह   सके ।
कुदरतकी बात तोडकर, अपनीहि कर सके ।।
तुकड्या कहे ये याद रख तू, खुदही छुडायेंगे।। पर याद0।।३॥