ये यार ! बताओ कोई
(तर्ज : मुझे छोड गये बालम...)
ये यार ! बताओ कोई, मेरी बीना कौन बजावे ।
हँस-हँसकर गीत सुनाता,चाहे रोवे या जी जावे।।टेक।।
है अलग-अलग की तारी,जो पलक-पलक बजती है ।
कभु हँसती,कभु रोती है,कभु जगी,कभू सोती हैं ।।
मैं समझ न पाया उसको, ये कौन चेतना लावे ।।१।।
अचरज है मेरा मुझको, हर बात समझता मैं हूँ ।
मैं खाता हूँ, पीता हूँ, सब कर्ता - धर्ता मैं हूँ ।।
तुकड्या ये सब देखूं पर, ग्यान शांति ना आवे ।।२।।