मेरे नैनों के नीर टूट जायेंगे
(तर्ज: तेरा जादू न चलेगा... )
मेरे नैनों के नीर टूट जायेंगे ।
आज ध्यान में प्रभुजी मेरे आयेंगे ।।टेक ।।
रात को मुझको बोल दिया । मैं कल ही मिल जाऊँ ।
जो मुझको ही चाहता है क्यों न उसे मिल पाऊँ?
नस - नस में गुण गायेंगे ।। मेरे नैनों के 0।।१।।
निरख-निरखकर मैं देखूँ । प्रभु की सूरत झाँकी ।
चक्र-सुर्द्शन साथ लिये । बन्सी बजावें बाँकी ।।
हँस - हँस मोरे मन भायेंगे।। मेरे नेनों के 0।।२।।
सुन्दर श्याम छटा मुख की । सारा दुख धो जावे ।
चौय्रासी के फेर कटे। फेर जनम नहिं आवे ।।
तुकड्यादास कहे सुख पायेंगे ।।मेरे नैनों के 0।।३।।