दुनिया में हमारी बाजी को

          (तर्ज : दिल तोडनेवाले जादूगर... )
दुनिया मे हमारी बाजी को,हे भगवन्‌ नहिं गिरने देना ।
हम भोले-भाले सेवक हैं, कोई कुटिल नहीं सिरने देना ।।टेक।।
पहिले तो हम नहि लायक थे,इस देशकि बाग सम्हाल सके ।
जब किरपा कर आजाद किया,तब जहर न कहिं झिरने देना ।।१।।
यह संत-शूरोंकी भूमि है, शांतीसे क्रांति सधी हमको । 
पर हम नहिं जागृत है अब भी, यह बात मगजमें भर देना ।।२।।
अब सबकी शक्ती बुध्दी में,हो एकहि कार्य बडा सबसे
यह भारत अपने पैरोपर, तन-मन-धनसे बढ़ने   देना ।।३।।
अब सब घरमें उद्योग रहे, और जीवनमें आरोग्य रहे।
सत्‌विद्या सद्गुण खूब बढ़े, वैभव पर सब चढने देना।।४।।
हम आपसभमें नहिं टकराये, प्रगतीमें कही न रूकावट हो ।
कहे तुकड्या सुनलो अर्ज यही,बस मेहेर नजर फिरने देना ।।५।।