पिछे जमाना ठीक गया
(तर्ज : रागे कशाला भरलिस राधे... )
पिछे जमाना ठीक गया, अब आगयि मुश्किल बडी ।।टिक।।
मालक तो खानेबिनु रोवे,क्या किसको फिर दान करावे ।
बडी मुसीबत खडी, मुसीबत खडी, मुसीबत 0।।१।।
घरके मालिक चोर बने हम,चोर कहे-सिरजोर बने हम
चीज यहींसे उडी, यहींसे उडी, यहींसे 0।।२।।
जिसका जोर वही मालिक है,वहि चालक है,वहि पालक है ।
यही अक्ल अब बढी, अक्ल अब बढी, अक्ल0।।३।।
नहीं दफनको कपडा पावे,अरज करो फिर पिछुसे आवे ।
पहिले (वो) फूंको गडी, फूंको गडी, फूंको0।।४।।
अबलाओंकी लाज चली है,गौओंकी सरसहा कतल है
मिली न अबतक जड़ी, अबतक जड़ी,अबतक 0।।५।।
तुकड्यादास कहे प्रभु आजा ! मैने अर्ज कभीका भेजा।
क्या आति सवारी अडी ? सवारी अडी ? ? सवारी0।।६।।