यह जिन्दगी के दिन किस कामके ?
( तर्ज : तेरि राहो में खडे है....)
यह जिन्दगी के दिन किस कामके ?
जब दर्श मिले नहीं राम के ! !
किस काम का है धन ?
किस शोर का है मन?
जब लागि ना लगन !
किया प्रेम ना जतन ।। यह जिन्दगि के दिन 0।।टेक।।
जी भर खाना, दिनभर सोना!
आलस में यह उमर बिताना।
अंत समय फिर क्या बतलाना? ।। यह0।।1।।
इस कारण कहता हैं, सुनिये-।
प्रभुके नाम जबाँ पर धुनिये ।।
सत्य - असत्य सदाकों झनिये ! ।। यह0।।2।।
मत झूठा बोलो जनतासे ।
सेवा करना तनसे औ मनसे ।।
तुकड्या कहे,रखो बात जतनसे ! ।। यह0।।3।।