मर्द वही जो लडता है

               (तर्ज: प्यारा हिन्दुस्तान है...)
मर्द वही  जो लड़ता है, आगे - आगे  डटता  है !
आँधी हो या तुफान कोई,कभू न पीछे हटता है ! ।।टेक।।
गोली हो या बम बरसे, जरा न डरता तोफोंसे ।
वार बचाकर निकल पड़ेगा, अपनी भारी हिम्मतसे ! ।।१।।
देशपे जबके हमला हो, जिसकी उछलेगी बाहों ।
नींद नहिं आयेगी उसकों, जबतक शांति नहीं पावों ! ।।२।।
बनमें सिंह गरजता है, वैसे वीर हरखता है ।
फौलादी यह बदन झोकने, जंगके लिये तरसता है ! ।।३।।
सतके खातिर लड़ना है, चाहे प्राण   भले   जाये ।
शहीद होकर रहे देशमें, या तो  जशकों  पाजाये ! ।।५।।
इस भारतने जंग किया, सदा असत्‌कों हरा दिया ।
आजभि ऐसा मौका है, इसीलिये  वो  जाग  गया ! ।।६।।
भारतकी नर - नारीने, तन-धन -खून दिया जिसने -।
उसका ही इतिहास बनेगा, कहे तुकड्या वो  धन्य ! बने ।।७।।