धर्म और जात क्या पूछो

            (तर्ज : मुसाफिर जागते रहना...)
धर्म और जात क्या पूछो,पूछो तो ग्यान ही पूछो ।।टेक।।
किसी को भी भला पूछो, किसीका भी भला पूछो ।
गुण सन्मान कर पूछो, ओ अपना जानकर  पूछो  ।।1।।
किसी को देश मत पूछो, भेष-प्रादेश    मत   पूछो ।
पूछना है तो दिल पूछो ,खुलाकर दिलसे मिल पूछो।।2।।
सभी हम एक मानव है, विश्व संसार के अंदर।
वो तुकड्यादास कहता है, एक   कैसे   रहो  पूछो ।।3।।