मुश्किल नही है तुमको

             (तर्ज: ऊँचा मकान तेरा...)
मुश्किल नहीं है तुमको, मुझसा अधम  तराना ।
तुम क्या न करोगे? गर जो कुछभी हो कराना ।।टेक।।
पशुओंसे बेद बोला । चलवा   दिया     दिवाला ।
कैसे कहूँ तुम्हारे -
जश कीर्तिका सुराना ? ।।१।।
तुम हो ख़ुदाके प्यारे । हो जिगरके कलीजे ।।
अखत्यार   है   तुम्हारे-
किस्मत सभी  हिलाना ।।२।।
भगवानभी तुम्हारे । हर हुक्मको निहारे ।।
तुकड्याकी आखरीकी -
लौ    कदमपे    लगाना ।।३।।