याद करले अंतकी

           (तर्ज: आज कल में दूसरा... )
याद करले अंतकी,मिल गया सो साथ ले ।
झूठा बोझा छोड दे, सोचता तो   सोच  ले ।।टेक।।
होगया सो होगया जनम में पापताप  जो ।
सद्गुरु - शरण में जा, करेगा तुझको माफ जो।।
आजकल न दूसरा शील मिले न दिल मिले ।।झूठा0 ।।१।।
राजपाट ठाट ये, कौन साथ लें  गया ।
धन गया, बदन गया, बना महल बहल गया ।।
नयाही बाज बज गया,साधियोंके दिल  हिले ।। झुठा 0।।२।।
प्रमाणपत्र    एकही  दानधर्म    हो   कहीं ।
सहाय्य हीनदीन को, साथ आयगा यही ।।
दास तुकड्या यों कहे, जिंदगीसे लाभ  ले।। झूठा0।।३।।