बालक है किसका ?
(तर्ज : वाजरा रे डंका, घेऊ नका. .. )
बालक है किसका ? तेरा कि देशका ? बालक है ?
करले बिचार, साच बोल दे सही ! ।।टेक।।
माता-पिता का,दोनों केहकका ।
पैदा हुआ तब माताके सुखका ।
सारे पडोसीये खुशी रही ।
बाहरमें खेला, बापने सम्हाला ,
गुरुजी ने बोला, ले जाना नहीं ! ।।1।।
विद्या पढा तब किसका हुआ वो।
सारे समाजोंकी उसपर निगा हो।
भारत ने बोला- हमने सम्हाला ।
सबका है बालक भूले नहीं।
बच्चा है भारतका, किसीका नहीं ! ।।2।।
कुछका भूषण है, जातिका धन है।
माता -पिताका फेडेगा ऋण है।
पत्नि कहे - मेरा जीवन ।
मित्र कहेंगे - साथी हमारा ! ।
उसकी खुशी हो, करेगा वही ! ।।3।।
इसके लिये ही कहता हूँ भाई !
तू तो जनम का था एक ग्वाही।
कर्जा निभाना है सबका- |
उसपे सबका है हक,इसमें थोडा न शक ।
कहता तुकड्या-तुने ही तो रोना नहीं ! ।।4।।