भाई ! सबमें है भगवान

           (तर्ज : प्यारे अपनी गठड़ी खेल...)
भाई ! सबमें है भगवान्‌,ऐसा बरतो संतन ग्यान।।टेक।।
दुर हटाओ निंदा-हिंसा,सबपर करो निष्काम भरोसा।।
     हरदम   हो  भजनोंमे  ध्यान ।। ऐसा बरतो0 ।।1।।
हम तो जहाँ-जहाँ भी जाये,किसका मुफ्त कभू नहीं खाये।
    करते मिल जुल कर प्रभु-गान।। ऐसा बरतो0।।2।।
नारायण परकास करावे, अच्छा बुरा न जाने पावे।
    गंगा    बहती   एक - समान ।। ऐसा   बरतो0।।3।।
तुम भी खावो,कमावो मिलके,दोनों रहो नमनके हलके
    जीवन    ऊँच  करो  निर्माण ।। ऐसा  बरतो 0।।4।।
ऐसा ग्यान गुरुसे सीखो,मानवता को जागृत राखो ।
    तुकड्या कहे,सुखी हो  जान।। ऐसा बरतों 0।।5।।