बडा भरोसा बना रखा है
(तर्ज: हरिका नाम सुमर नर प्यारे... )
बडा भरोसा बना रखा है, दिल में इस आजादी का ।
भला करेगी भारतभर का, कलंक धो बरबादी का ।।टेक।।
जरा कदम हट गये न हम यदि, चिल्लाते कुछ लोग यहाँ ।
अभी न शांती मिली मिलेगी,काम न आवे शोक यहाँ ।।
प्रयत्न करने का यह दिन है,खोकर आलस भोग यहाँ।
आपस की दुश्मनी हटाकर, करना है संजोग यहाँ ।।
सफल बनाना है भारत के भवितव्य इस गादी का ।
बड़ा भरोसा बना रखा है, दिल में इस आजादी का ।।१।।
हैं हकदार लोग सारे, इस देशकी बुरी - भलाई में ।
समझ कराना है यह सबको, अपने भाई - भाई में।।
चिल्लाते क्यों ? काम करो कुछ,जो तुम-हमसे बनता है ।
खोता है वह वक्त जीवन का, नाहक दिलमें तनता है ।।
तुकड्याको यह आस,लोग सब सुख पावे आबादी का।
बड़ा भरोसा बना रखा है, दिल में इस आजादी का ।।२।।