मंगल-गुण पावन, सत् बुद्धी दे
(तर्ज : मंगलमय नाम तुझे...)
मंगल -गुण पावन, सत्-बुद्धी दे हमे ।
प्रभु के रुप ध्यावन को शक्ति दे हमें ।।टेक।।
बलस्वरुप भक्तिशाली, तेजस्वी ओजवाली-
मेधा, गुणग्राहकता, वृत्ति दे हमें ।।१।।
वीर्यवान, अति सुजाण, संकटमें धैर्यवान ।
जनसेवाही सहनशील पूर्ति दे हमे ।।2।।
सर्वशक्तिमान तेरी, महिमा जग-व्याप्त भरी ।
है दयानिधान हरी, भक्ति दे हमें ।।3।।
तुकड्या तेरे द्वार खडा, तू उदंड धनिक बडा ।
अंतकाल भक्तीसे मुक्ति दे हमें ।।4।।