भारी बडा है तू पर लहानूजी कहावे
(तर्ज: एहसान मेरे दिलमें... )
भारी बडा है तू पर लहानूजी कहाने ,
दुनियाही जानती है, तेरा तूही बतावे ।।टेक।।
सामर्थ्य तेरे बलका लाखोंमे गया है ।
देखा नही था तूने फिर बोल दिया है ।।
आश्चर्य करे जनता, देखा सोही गावे।। दुनियाही0 ।।१।।
अपने बदनके होशको अभीतक है संभाला ।
अंदर है अवलिया पर रहता है निराला ।।
तेरी आँख बोलती है,तू जिसको जनावे । दुनियाही0।।२।।
वरदानी तेरी वर्धा, तू उसके किनारे ।
है क्षेत्र टाकरखेडा अब तो सबकोही भावे ।।
उस सन्त आडकुजीका है, छत्र सुहावे । दुनियाही 0।। ३।।
लहानूजी मेरे बाबा ! तेरी मस्ती अनोखी ।
कई वर्षकी तपस्या तुकड्याने भी देखी ।।
भारतकी डूबी नैया, अब तूही बचावे । दुनियाही 0।।४।।