भारत देश हमारा प्यारा
(तर्ज: हे दीनदयाघन करुणासागर.... )
भारत देश हमारा प्यारा, सब दुनियासे न्यारा ।
जहाँ गांधी जिगर हमारा ।।टेक।।
सत्य-अहिंसा ब्रतसे जिसने, आजादी घर लायी ।
बडे बडे सत्याग्रहि नेता, मिलकर देश पुकारा ।।
जहाँ गांधी 0।।१।।
छुआछूत का भेद मिटाया, मानवधर्म बढाया ।
हीनदीन को लगा छातिसे, बढकर किया सुधारा ।।
जहाँ गांधी 0।।२।।
गंगा-जमुना सिंधु-हिमालय, जहाँ ऋषियों का बासा ।
आध्यात्मिक संस्कृति का डेरा,सागर दिव्य किनारा ।।
जहाँ गांधी 0।।३।।
तोड़ गुलामी, स्वतन्त्र भारत दुनियामें चमकाया ।
कहता तुकड्या मानवता का, अमर बनाया तारा ।।
जहाँ गांधी 0।।४।।