बचाओ प्राण गौओंके । अगर हिन्दू कहाते हो।

(तर्ज : प्रभू हा खेठ दुनियेचा... )

बचाओ प्राण गौओंके । अगर हिन्दू कहाते हो।
रखो कुछ लाज भारतकी।अगर हिन्दू कहाते हो।।टेक। 
तुम्हारे खास गौधारी। कहाकर चल गये जगसे। 
दर्द ना दो कभी गौको । अगर हिन्दू कहाते हो  ।। १ ।।
तृप्त करना सदा गैय्या । खिलाकरके-पिलाकरके।
दुवाँ ले लो सदा गौ की । अगर हिन्दू कहाते हो  ।। २॥
न बेचो कत्‌ल-खानेमें । करो सेवा बने जितनी।
पिओ खूब दूध-माखनको । अगर हिन्दू कहाते हो ।।३॥
बढा खूब पाप भारतमें । गयी गैय्या कसाबो -घर | 
बचो अब शापसे आयों । अगर  हिन्दू कहाते  हो  ।।४॥
कहे तुकड्या सुनो भाई ! पूजो गैय्या सदा दरपे।
सीखाओ कृष्ण-गोकुलका ।अगर हिन्दू कहाते हो।।५॥