प्यारे तू दिल को टटोल

(राग: झिंजोटी, ताल: तिनताल.... )

प्यारे तू   दिल   को   टटोल ।
तेरे बिच कौन है चेतन,बोल ? ।।टेक ।।
जड-चेतन की संगम धारा ।
इससे ही तू सुन्दर प्यारा ।।
दिखता है सबको  अमोल ! ।।1।।
चेतन जब उड जावे जडसे ।
तब मुरदा कहलावे भड्से ।।
जाता है जलने  को, डोल ! ।।2।।
चेतन ही चेतन रह जावे ।
तब दुनिया की मौज न पावे ।।
खाली     घूमेगा    खगोल ! ।।3।।
माया-ब्रहहा इसे कहते   हैं । 
मिल-जुलके जग में रहते है।।
तुकड्याने तोला हैं, तोल ! ।।4।।