भजन

क्रमांक भजन
1 जब किसानोंकी, देखूँ भलाई
2 जब खेती नहीं कसता है
3 जब तपते लोहपे प्रेम करो, तब जलने से क्यों डरते हो ?
4 जब दिलको लगी, तुम क्या जानो
5 जब श्याम भये बेख्याल
6 जबकि नेकीसे जीता है । तब तू शराब क्यों पीता है
7 जभी मुझे कुछ मिला, अकेला बनमें बलपर चला
8 जमाने का बदला है रंग धीरे - धीरे। बचो यार कलजुग के, संग धीरे-धीरे
9 जमिन देऊनि सर्व तुम्हाला काय भीक मागावी अम्ही ?
10 जय गणराज महाराजा, अगसे नंग संग साजा।
11 जय -- मंगल गणराज हमारे ! सिध्द विनायक जनहितकारे
12 जय -- मंगल गणराज हमारे ! सिध्द विनायक जनहितकारे
13 जय गणेशा ! बुध्दिदाता
14 जय दुर्गे ! महारानी भवानी ! ! तुम्हरि पुजा मोरे मन मानी !
15 जय मंगल गुरुदेव हमारे । तुम्हरे दर्शन में सुख सारे !
16 जया प्रिय नाही सखा भगवन्त
17 जया भक्तिचाचि हर्ष । तया कैचा गर्भवास ?
18 जया मुखी नाम पावन तो देह
19 जयाचे हृदय मऊ मेणाहुनी । निघे बुद्धीतुनी दयाभाव ॥
20 जरि जाणे तरुणोपाय। तरि न चाले काहि उपाय
21 जरि प्रेम असेल भले अपुले
22 जरी उंच तुझे पाय I
23 जरुर का मज जगाची हो !
24 जलनेवाली इस दुनिया में, क्यों बैठा है पागल! तू
25 जलनेवाले जलने दो, तुम सच्चा पथ ना छोडो ।