भजन

क्रमांक भजन
1 दरिद्र - भूखे को धन पाया
2 दवडु नको रे ! रत्न गवसले, दगडाचे पोटी ।
3 दाखवि अपुले तीर, नर्मदे !
4 दाने घड़े पाप दाने पुण्य होई ।
5 दारिद्याची भक्ति राहे पोटासाठी
6 दारिद्रयाची भक्ति भेटो द्रव्य कांही
7 दावा हो मज ते घरदार
8 दावी बाह्य भाव । कैसा पावे देवराव
9 दास को पास ही धर लिया ।
10 दिन दहाडे करते चोरी, फिर गांधी भजते
11 दिन दहाडे मैं घुमता था
12 दिमाग मेरा प्रभो ! तुम्हारे, दर्शन का सामना ।
13 दिया , दे दियाजी, मैंने प्राण दिया ।
14 दिया खुशीसे जान प्राण है
15 दियो, दे दियोजी मोहे दर्श दियो ।
16 दिल दिया, सब दिया, अब न मैं ही रहा।
17 दिल दो - दो बातपे ध्यान करे
18 दिल मेरा खैचिये साँवरे
19 दिलकी पुकारोंसे आवोगे क्या ?
20 दिलबर के लिये, दिलवर है मह
21 दिलमे आशा तेरी, अभिलाषा तेरी
22 दिलमें खुशी समा नहीं पावे ।
23 दिलमें छिपा चाँद मेरे, क्यों करूं बहाना ?
24 दिलसे जपो, चाहे मुंह से जपो
25 दिवाने नैन खुले करले, नजरभर साँईको धरले