भजन

क्रमांक भजन
1 सीखो लिखना -पढना सीखो, अन्धे क्यों रहते दुनियामें ? ।
2 सीताराम जपो मनमाँही
3 सीधा चल जानेवाले
4 सीधा तो व्यवहार न समझे, कहाँ ब्रम्हकी बात करे।
5 सुंदर अरण्यी उदास काननी ।
6 सुख - दुःख भोग सारे , चुकती न हे कुणाला
7 सुख की जिन्दगी चाहता है
8 सुख डोळियांचे पहावे श्रीमुख ।
9 सुख दिसले डोळियाने, सांगो मी त्या खुणा
10 सुख देइ हरी ! भारत - भू ला
11 सुख व्हावया परस्परास धर्म बोलिला
12 सुख सज्जनाच्या सवे
13 सुखकर हरी गुण गाई मनुजा
14 सुखदःख-भोग जगामाजी येसी । नर- तनु ऐसी योनी नाही ॥
15 सुखदु:ख हमारे कौन सुने ? बिन नाथ सहायक कोई नहीं
16 सुखाचे सारथी जग हे
17 सुखासनी बैसुनी दयाळा ! का गंमत पाहसी ?
18 सुगम साधन नाम हरी-कथा
19 सुगम साधन नाम हरी-कथा
20 सुजनका संग ना पाया रे, जनम गया बीता
21 सुध भूल गयी है अँखियाँ
22 सुधबुध गयी मोरी श्याम से ।
23 सुधर रे गड्या ! जन्म अता अपुला
24 सुधले, सुधले, सुधले साधो
25 सुन रे भारत के प्यारे जवान ! तुझपे सौंपी है जिन्दगी तमाम