तुकड्यादास
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भजन
1
गांधी - गांधी कहनेवालो !
2
गांधी उठे प्रातःसमय, प्रातःस्मरण करतेहि थे
3
गांधी का था मन्दर सुन्दर । बड-पीपल की छाँवमें
4
गांधी का यह मंत्र था
5
गांधी का लगाया पौधा, जाता गर ऊँचा सीधा
6
गांधी का वह जीवप्राण
7
गांधी का हमेशाही बस एक था भजन
8
गांधी किया बदनाम, हमीने गांधी किया बदनाम
9
गांधी महात्मा बोल
10
गांधी हरवक्तहि कहते थे
11
गांधी ही अपने ढंग का ऊँचा फकीर था
12
गांधीजी का यह वचन अनोखा
13
गांधीजी चिन्तन करे, भारत मेरा उन्नत बने
14
गांधीजी, हरदम सुनते बराखा
15
गांधीने दिखाया मार्ग भला, तब तो सवराज मिला हमको
16
गाइन मी तुज गोड प्रभू! पण भेट सख्या! मज देशिल का?
17
गाओ गाओ जी ! मधुर गुण गाओ
18
गाना है, गाना है, गाना है, भारत ! उसकी धून मचाना है,जिसका पहिने बाना है!।
19
गाफिल क्यों सोता बन्दे, झूठ ये चोरन के फंदे
20
गायका ! म्हण गाणे अपुले !
21
गाया, गाया, जिया फाड-फाडकर गाया ।।टेक।।
22
गायी पुजावया निधाला पुजारी । घेऊनिया झारी फुलांचिये
23
गायीचिया पुण्ये खाया अन्न भेटे ।
24
गारे गारे हरीनाम
25
गावोना रिझावो भगवन् !
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