भजन

क्रमांक भजन
1 सबसे मीठा बोल, बाबा !
2 सबाह्य अंतरी शुद्ध करा मन
3 सभी पर्तवमें नहीं माणिक
4 समझ - समझकर बढना प्यारे !
5 समझ न पाया मैआ गुरु - गीता
6 समझ लिया है मैने तुमको
7 समता की रोशनी का एक
8 समय आगया और निकल जा रहा है। इन्सान तू क्यों उसे खो रहा है?
9 समयदान दे दो हमको, एकही कलाक चाहे,
10 समुदाय प्रार्थना ये, गुरुदेवजी सुनीजा ।
11 समुदाय प्रार्थने ची किती गोड ही प्रणाली
12 समुद्राची बुडी मारी पानबुडे । एक एक काढे द्रव्य साठे ॥धृ॥
13 सम्हलो सम्हलो भारतवासी । नैया डूब कीचडमें ।
14 सरल स्वभाव भी नहीं सिखा तू
15 सरले सगळे वय आता , जीवनाची तुटली गाथा
16 सर्व बोध संतापाशी ।
17 सर्व वस्तू जगामाजी, तुला पाहिजे ते काय ?
18 सर्व वृथा हे ! मन दे ग्वाही !
19 सर्व सत्ते देवाचिये । आम्ही झालो जी ! निर्भय
20 सर्व साधनात धर्म श्रेष्ठ जाण बा !
21 सर्व सुख जेथे पावती जीवाचे ।
22 सही जिंदगानी होली हमारी।
23 साँच को क्यों भूला भाई, झूठ की संगत को पाई
24 सांकट पर संकट जब आन पडेगो !
25 सांगणे हे वाटे जिवा लाजिरवाणे