भजन

क्रमांक भजन
1 सदा सुख में रहूँगा मै
2 सदाचार की अमर - संहिता
3 सदाचारबिन इस दुनिया में, कौन ठिकाना है
4 सदोष प्रकृति, दुर्गुण - मिश्रित, घेउनि तूज सामुरी ।
5 सद्गुण दुर्गुण एकही है जो !
6 सद्गुणी है पर डरता है
7 सद्गुरु - चरणी दृढ भावाने जाशि शरण तू रे !
8 सद्गुरुची निज कृपा व्हावया
9 सद्गुरुनाथा ! करि करुणा रे
10 सद्गुरुराया ! का रुसला बा, हीन दीन लेकरा?
11 सद्‌गुरु अपुला सखा, गडे हो ! सद्गुरु अपुला
12 सन्त, भक्तोंसे पूछा भगवान कहाँ है ?
13 सन्त, भक्तोंसे पूछा भगवान कहाँ है ?
14 सन्तन का वख्त बडा कीमति है
15 सन्तो को पूछ अपने
16 सन्तों ! वे दिन गये तुम्हारे
17 सफल करा ही आस, प्रभू हा मागतसे मनुजाला
18 सब के संगमें प्रेम करो, यह दो दिनका है मेला
19 सब गाँवको बुलाये जा, साथमें बिंठाये जा!
20 सब मिल करते है,स्वागत आज तुम्हारा।
21 सब मिलकर अपना दिल हम
22 सबके कदम को मिलाके चलो ।
23 सबको मिला है, तेरा सहारा
24 सबमें सेवाभाव बढाओ
25 सबसे मीठा बोल, बाबा !