भजन

क्रमांक भजन
1 पुण्य दाविले संतांनी । घात केला भिकाऱ्यांनी
2 पुण्यक्षेत्र मनी वाढवी सुभाव । गुरु संत देव भक्ति यांची
3 पुण्यक्षेत्रें झाली व्यापारांची खाण
4 पुत्रा माय वधी कैसी ती दयाळ
5 पुन्हा तरि बांधु नका मंदिर
6 पुष्पक विमान पुराणी ऐकिले
7 पूछ लो, हम अपने मनको
8 पूजू गड्या! या सद्‌गुरुनाथा, वाह हृदय-कमलाते
9 पूरी करो कामना बापु की।
10 पैर मिलाकर के चलो - सब के हाथ एक धरो ॥
11 पैशियांनी मोठा राहील का कोणी ?
12 पोटासाठी मरता काय
13 पोटासाठी हिंडविसी का मज दारोदारी
14 प्यार की बाँसुरी सबके ही पास है
15 प्यारा मन - मोहन मेरा ।
16 प्यारा हिंदस्थान है, गोपालोंकी शान है।
17 प्यारा है नाम हरीका, जप सार्थक कर जीवन का
18 प्यारे ! दुई का पडदा तोड दो
19 प्यारे तू दिल को टटोल
20 प्रगट भयी रात अँधेरी बडी
21 प्रगट भये गोकुल में भगवान
22 प्रजा घबडाके कहती है कि भारत कब सुखी होगा ?
23 प्रतिदिनी नाम स्मरा श्रीहरीचे
24 प्रतिमा रुपमें आये, दर्श दिखाये ! सद्गुरु आडकुजी मन भाये!
25 प्रत्यक्षचि आम्हां दिसे । लोक वागताती कैसे