भजन

क्रमांक भजन
1 बढजा ! बढजा ! ! तेरा होश जवानी का है ।।टेक ।।
2 बता रे, परदेशी ? तुझको लुफ्त कहाँसे आया?
3 बनमें किसने बन्सि बजाया ?
4 बनालो सहकारी खेती, पकावों मिलके भलिभाँति ।
5 बनिया था गांधी हामारा
6 बने मस्ताने ऐनोंमे, मजा करते है चैनोंमे
7 बनों बनोजी मोहन ! तुम बनो
8 बन्दे ! अबतो कहना मान ?
9 बन्दे ! कैसो साल सरेगो ?
10 बन्दे ! क्यो सुख समझे दौडे ?
11 बन्दे ! तप पर राज निहित है
12 बन्दे सुन कलजुग की बात! न सुनी आज सुनाता ।।टेक ।।
13 बन्सीके सुनानेवाले ! बाँसरी सुना दे ।
14 बरसो करता हूँ भजन, पर मन नहीं करता मनन ।
15 बरसो बीत गये सुमरनको
16 बरसों लगी हुई है, प्रभु-प्रीत यह हमारी।
17 बलबल छलबल का करतो ? भोगासाठी मरमरतो ?
18 बलहीनाला कोण साथ दे ? जोवरि शक्ती नाहि उरी
19 बस ! चलो खेलने जायेंगे
20 बस करो नाथ ! ये आपदा
21 बस नैन लगे ध्यानमें
22 बसालास कशाला, आळशी बनायला ?
23 बहु कालांतरे झाली तीर्थ क्षेत्रा । तेथील सर्वत्रा चाली गेल्या
24 बहु झाली हळहळ , बडबड ऐकली अम्ही
25 बहु संतीं केला जगा उपदेश । देश परदेश फिरोनिया ॥